1713. Умм Саляма, супруга Пророка, сообщила что Посланник Аллаха, услышал трескотню спорящих друг с другом у двери его комнаты и вышел к ним и сказал: «Я всего лишь человек. Когда ко мне приходят спорящие, может оказаться так, что кто-то среди них более красноречив, чем другие и поэтому я могу счесть, что он правдив и разрешу этот спор в его пользу. Но если я решу тяжбу в чью-либо пользу незаслуженно за счёт права муслима, то эта (победа в суде) всего лишь кусок Огня и пусть он несёт его или оставит его!»
4 — 1713 حدثنا يحيى بن يحيى التميمي. أخبرنا أبو معاوية عن هشام بن عرو، عن أبيه، عن زينب بنت أبي سلمة، عن أم سلمة. قالت:
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم (إنكم تختصمون إلي. ولعل بعضكم أن يكون ألحن بحجته من بعض. فأقضي له على نحو مما أسمع منه. فمن قطعت له من حق أخيه شيئا، فلا يأخذه. فإنما أقطع له به قطعة من النار).
1713 — وحدثناه أبو بكر بن أبي شيبة. حدثنا وكيع. ح وحدثنا أبو كريب. حدثنا ابن نمير. كلاهما عن هشام، بهذا الإسناد، مثله.
5 — 1713 وحدثني حرملة بن يحيى. أخبرنا عبدالله بن وهب. أخبرني يونس عن ابن شهاب. أخبرني عروة بن الزبير عن زينب بنت أبي سلمة، عن أم سلمة زوج النبي صلى الله عليه وسلم؛
أن رسول الله صلى الله عليه وسلم سمع جلبة خصم بباب حجرته. فخرج إليهم. فقال (إنما أنا بشر. وإنه يأتيني الخصم، فلعل بعضهم أن يكون أبلغ من بعض، فأحسب أنه صادق، فأقضي له. فمن قضيت له بحق مسلم، فإنما هي قطعة من النار، فليحملها أو يذرها).
6 — 1713 وحدثنا عمرو الناقد. حدثنا يعقوب بن إبراهيم بن سعد. حدثنا أبي عن صالح. ح وحدثنا عبد بن حميد. أخبرنا عبدالرزاق. أخبرنا معمر. كلاهما عن الزهري، بهذا الإسناد، نحو حديث يونس.
وفي حديث معمر: قالت: سمع النبي صلى الله عليه وسلم لجبة خصم بباب أم سلمة.